Tuesday, January 27, 2026
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एमपी में इमरजेंसी नंबर बना मस्ती का जरिया, 108 पर 5 लाख फर्जी कॉल्स का खुलासा

भोपाल
भोपाल सहित पूरे मध्य प्रदेश में 108 एबुंलेंस सेवा फर्जी फोन कॉल्स से परेशान है। पिछले छह महीनों में करीब 5.72 लाख कॉल ऐसे आए जो सिर्फ मजाक, टाइमपास या शरारत के लिए किए गए थे। इससे न सिर्फ कॉल सेंटर का स्टाफ उलझा रहा, बल्कि एंबुलेंस के 1500 घंटे भी बर्बाद हो गए। कुछ लोग गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप का दुख एंबुलेंस कॉल सेंटर को सुनाते हैं, तो कुछ सिर्फ मजे के लिए बार-बार फोन करते हैं।

सेवा संचालित करने वाली एजेंसी जय अंबे हेल्थकेयर के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार ने बताया कि अब ऐसे कालर्स के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी, क्योंकि इनकी हरकतें कई बार गंभीर मरीजों की मदद में देरी कर देती हैं।
 
एंबुलेंस बुलाकर गायब हो जाते हैं
कोलार रोड का एक मामला इसका ताजा उदाहरण है। एक व्यक्ति ने कॉल कर कहा कि हालत खराब है। 15 मिनट में एंबुलेंस उसके घर पहुंची, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। जब टीम ने काल किया तो उसने कहा कि अब जरूरत नहीं है। ऐसे झूठे कॉल हर दिन आते हैं और एंबुलेंस का कीमती समय खराब होता है।

कॉलर्स की पहचान के लिए स्टडी शुरू
कॉल सेंटर के मुताबिक कई नंबर ऐसे हैं, जो 150 से 200 बार फर्जी काल करते हैं। इनमें बच्चे, नशेड़ी युवक शामिल हैं। ये काल सेंटर में बैठी महिला स्टाफ को परेशान करते हैं। कंपनी अब ऐसे नंबर ट्रैक कर रही है, ताकि आगे सीधे कानूनी कार्रवाई की जा सके। इसके लिए एक विशेष स्टडी शुरू की गई है।

कैसे प्रभावित हो रही है सेवा
झूठे फोन कॉल के कारण काल सेंटर की लाइनें कुछ सेकंड के लिए ब्लाक हो जाती हैं। इसी दौरान किसी असली मरीज की कॉल मिस हो जाती है। कई बार एंबुलेंस को 50 से 60 किलोमीटर तक बेकार दौड़ना पड़ता है। तरुण सिंह परिहार के मुताबिक एक फर्जी कॉल किसी जरूरतमंद की जान पर भारी पड़ सकता है। जब तक एंबुलेंस वापस लौटती हैं, तब तक किसी और को तुरंत मदद की जरूरत पड़ जाती है।

 

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