Tuesday, January 27, 2026
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उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा अचानक पहुंचे सुकमा के अतिसंवेदनशील ग्राम पूर्वर्ती

रायपुर : नक्सल लीडरों के परिजनों से मुलाकात कर उपमुख्यमंत्री ने की पुनर्वास की अपील

नक्सली लीडरों की माताओं ने अपने बच्चों से की अपील अब हथियार छोड़ लौटें समाज में और समाज के बीच रहकर करें विकास

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा अचानक पहुंचे सुकमा के अतिसंवेदनशील ग्राम पूर्वर्ती

हिड़मा और बारसे देवा के परिजनों से मिलकर पुनर्वास का किया जा रहा प्रयास

रायपुर

उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा आज अचानक सुकमा जिले के कोंटा विकासखण्ड के अतिसंवेदनशील ग्राम पूर्वर्ती पहुंचे। जहां उन्होंने गांव में जनचौपाल का आयोजन किया। इस चौपाल में समस्त ग्रामवासी और पूर्वर्ती से संबंध रखने वाले नक्सल लीडर माड़वी हिड़मा एवं बारसे देवा के परिजन भी शामिल हुए। जिसमें माड़वी हिड़मा की माता मती माड़वी पुंजी तथा बारसे देवा की माता मती बारसे सिंगे भी शामिल थीं। उनके साथ बारसे देवा के परिवार से चाचा बारसे ढुंगा, भाई बारसे भीमा, बारसे सन्ना, बारसे आमता, बारसे सीमडा, भतीजा बारसे मड़का, बारसे हिड़मा, बहु बारसे जोगी एवं माड़‌वी हिड़मा के परिजनों में चाचा माड़वी देवा, माड़वी सोमा, चाची माड़वी सुक्‌की, भाई माड़वी हड़मा, माड़वी मासे, बहु माड़‌वी मंगली भी उपस्थित रहे।

इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से मुलाकात की और गांव में आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। जहां ग्रामीणों ने बताया कि पहले यहां ना तो सड़क थी ना ही कोई आधारभूत व्यवस्था और बारिश के दिनों में तो गांव एक टापू बन जाता था ना तो कोई आ सकता था ना जा सकता था। नियद नेल्ला नार योजना से अब गांव में रोड आ गयी है राशन, दवाइयां, खाद अब ग्राम में ही मिल जाता है। उपमुख्यमंत्री ने सभी के साथ मुलाकात कर उनके साथ उनके साथ खाना खाया और उन्हें उपहार भी दिए और उनके द्वारा की गई मांगों को पूरा करने हेतु अधिकारियों को निर्देश भी दिए।

नक्सल लीडरों के परिजनों से भी उपमुख्यमंत्री शर्मा ने आत्मीय मुलाकात कर उनके माता पिता से आशीर्वाद लिया। जहां उनकी माताओं मती माड़वी पुंजी तथा मती बारसे सिंगे ने बताया कि वे बड़े गैर जिम्मेदाराना तरीके से सब कुछ छोड़ कर जंगल में हथियार लेकर भटक रहे हैं। उन्होंने अपने बच्चों से अपील करते हुए कहा कि परिवार, गाँव, समाज को छोड़कर जंगल में हथियार लेकर भटकने से किसी का भला नहीं हो रहा है। अपने हथियार छोड़कर पुनर्वास का रास्ता चुनो और समाज, परिवार, परिजनों के बीच रहकर विकास एवं सबके हित के लिए कार्य करें। उनकी माताओं ने भी वीडियो जारी कर अपने बेटों को पुनर्वास करने की अपील की है।

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने परिजनों से कहा कि उनका प्रयास है कि सभी भटके युवा हथियार छोड़ पुनर्वास कर लेते हैं तो शासन उनका ख्याल रखेगी और समाज के बीच रहकर अहिंसक तरीके से मुख्यधारा में शामिल होकर वे क्षेत्र के विकास के लिए कार्य कर सकते हैं। क्षेत्र के विकास और समृद्धि के लिए सभी के साथ की आवश्यकता है। ये युवा शक्ति क्षेत्र के विकास की नींव बन सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री शर्मा एवं पूरे शासन-प्रशासन द्वारा क्षेत्र की शांति के लिए हिड़मा और बारसे देवा के साथ दक्षिण बस्तर के भटके युवाओं के पुनर्वास के लिए भी सतत प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने पूर्वर्ती में स्थापित 150 वीं बटालियन के कैंप में जाकर नक्सल मोर्चे पर कार्य करने वाले केंद्रीय सशस्त्र बलों के जवानों एवं पुलिस के जवानों से मुलाकात की और उनका प्रोत्साहन किया एवं नक्सल हिंसा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया। शर्मा ने कहा कि बस्तर अंचल के प्रत्येक जवान का पराक्रम, त्याग और समर्पण राज्य तथा देश की अमूल्य धरोहर है। उनकी वीरता ने इस क्षेत्र की शांति और विकास की नई दिशा दी है। उन्होंने कैंप परिसर का निरीक्षण कर जवानों से सुरक्षा व्यवस्था, क्षेत्र की परिस्थिति एवं चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने जवानों को सुरक्षा के साथ लोगों के कल्याण और सुरक्षा के लिए कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, बस्तर आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर सुकमा देवेश ध्रुव, पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चौहान तथा पूर्वर्ती के ग्रामीण उपस्थित थे।

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