Tuesday, January 27, 2026
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राज्यपाल पटेल: उत्तराखण्ड और झारखण्ड को मिले हैं प्रकृति के विशेष उपहार

उत्तराखण्ड और झारखण्ड को प्रकृति का विशेष उपहार : राज्यपाल  पटेल

राजभवन में मनाया गया दोनों राज्यों का स्थापना दिवस
राज्यों की लोक संस्कृति पर केन्द्रित प्रस्तुतियों ने बटोरी तालियां

भोपाल 
राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि उत्तराखण्ड और झारखण्ड को प्रकृति का विशेष उपहार मिला है। यहां पर समृद्ध वन्य जीव और प्राकृतिक संपदा भरपूर मात्रा में है। राज्यपाल  पटेल सोमवार को एक भारत-श्रेष्ठ भारत संकल्पना के तहत उत्तराखण्ड और झारखण्ड राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल  पटेल ने दोनों राज्यों के स्थापना दिवस की सभी को बधाई दी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए कलाकारों की सराहना की। इस अवसर पर उत्तराखण्ड के राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह और झारखण्ड के राज्यपाल  संतोष गंगवार के शुभकामना संदेश और दोनों राज्यों की लघु फिल्म का प्रसारण किया गया। राजभवन के सांदीपनि सभागार में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे।

राज्यपाल  पटेल ने कहा कि जहां एक ओर उत्तराखण्ड प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। उसी प्रकार झारखण्ड भी समृद्ध खनिज सम्पदा और लोक संस्कृति के लिए विश्व विख्यात है। महान जनजातीय नायक और क्रांतिसूर्य भगवान बिरसा मुंडा की कर्म भूमि झारखण्ड, हम सभी के लिए प्रेरक है। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस दोनों राज्यों के गठन की ऐतिहासिक यात्रा का प्रतीक है। भारत की विविधता, संघीय संरचना और एकता की उस शक्ति का भी स्मरण है, जिसने हमारे देश को दुनिया में विशेष पहचान दी है। यह सांस्कृतिक समारोह नहीं, बल्कि भारत की सामूहिक विकास यात्रा में हमारी सक्रिय भागीदारी का प्रमाण है। हम सभी यहाँ अतिथि बनकर नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण के समर्पित सहभागी के रूप में उपस्थित हैं।

 राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के सभी राज्यों के स्थापना दिवस को राजभवन में मनाए जाने की पहल अनुकरणीय है। ऐसे आयोजन विविधता में एकता की संवैधानिक भावना को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में गुजरात के केवडिया स्थित स्टेच्यू ऑफ यूनिटी में 01 से 15 नवंबर तक विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और धरोहर को करीब से जानने का अभूतपूर्व और दर्शनीय आयोजन था।

राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी प्रयासों ने राष्ट्रीय विकास को जन-भागीदारी, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सामूहिक उत्तरदायित्व के साथ जोड़कर नए युग की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता केवल सीमाओं के विस्तार से नहीं, बल्कि विचारों, संस्कृतियों और समाज के हर वर्ग के सम्मान से सुदृढ़ होती है। इसी भावना का साकार रूप आज का यह संयुक्त समारोह है। ‘एक भारत—श्रेष्ठ भारत’ अभियान इस राष्ट्रीय भावना की उन्नत अभिव्यक्ति है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि यह आयोजन उत्तर और दक्षिण, पूर्व और पश्चिम के बीच केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक सेतु स्थापित करता है।

राज्यपाल  पटेल का उत्तराखण्ड कुमायूं समाज भोपाल के अध्यक्ष  सुरेश कर्नाटक, गढ़वाली समाज ट्रस्ट भोपाल के अध्यक्ष विजय सिंह नेगी और बिहार सांस्कृतिक परिषद भोपाल के अध्यक्ष  राजेश कुमार सिंह ने स्मृति चिन्ह, पुष्प और अंग वस्त्र भेंट कर स्वागत और अभिनंदन किया गया। समारोह में उत्तराखण्ड के कलाकारों ने कुमायूं लोक नृत्यों और महादेव स्तुति की प्रस्तुति दी। झारखण्ड के कलाकारों ने मगही गीत और विभिन्न लोक नृत्यों की सामूहिक प्रस्तुति दी। आकर्षक प्रस्तुतियों का दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाकर अभिवादन किया। मध्यप्रदेश राज्य पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का संचालन सु सृष्टि वास्तव और आभार गढ़वाली समाज भोपाल के अध्यक्ष विजय सिंह नेगी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी और उत्तराखण्ड एवं झारखण्ड राज्यों के मध्यप्रदेश में निवासरत नागरिक उपस्थित रहें।     

 

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