Tuesday, January 27, 2026
Google search engine
Homeछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ में 20 नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जनजातीय गौरव दिवस के...

छत्तीसगढ़ में 20 नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में भाग लेंगी

रायपुर 
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रही है। इस दौरान वे अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगी। बता दें कि राष्ट्रपति के आगमन की तैयारियां पूरी हो गई है। राष्ट्रपति के अलावा राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित मंत्री, सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

दो दिन तक चलेगा कार्यक्रम

जानकारी अनुसार, 19 और 20 नवंबर को अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति रहेगी। वे इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी और प्रदेश के जनजातीय समुदायों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

हेलीकॉप्टर के आगमन से लेकर राष्ट्रपति के स्थल तक जाने का पूरा मार्ग सील किया जाएगा और हर दिशा से निगरानी की जाएगी। वहीं कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 1700 से अधिक जवानों की तैनाती की जाएगी।कार्यक्रम की सफलता और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) की टीम भी निगरानी रख रही है।

मुख्यमंत्री वैद्यराज सम्मान निधि योजना का शुभारंभ

बता दें कि राष्ट्रपति मुर्मू प्रदेश में मुख्यमंत्री वैद्यराज सम्मान निधि योजना का शुभारंभ करेंगी। इस योजना के तहत प्रदेश में परंपरागत उपचार करने वाले वैद्यों को हर साल 5000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार ने इसके लिए एक तीन स्तरों वाला चयन प्रक्रिया तैयार किया है, जिसके तहत योग्य वैद्यों का चयन किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक उपचार विधाओं को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है।

मुख्यमंत्री अखरा विकास योजना को मिलेगी हरी झंडी

इसके अलावा राष्ट्रपति मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री अखरा विकास योजना का भी उद्घाटन करेंगी। इस योजना के तहत प्रदेश के देवस्थलों का विकास और पुनरोद्धार किया जाएगा। योजना के अंतर्गत प्रत्येक देवस्थान पर 5 से 20 लाख रुपए तक की राशि खर्च की जाएगी। योजना का उद्देश्य न केवल धार्मिक स्थलों का संरक्षण करना है बल्कि इन स्थानों को पर्यटन और स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करना भी है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments