Monday, January 26, 2026
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मतदाता सत्यापन अभियान तेज़: दूसरे चरण में 99% से अधिक घर-घर पहुँच

नई दिल्ली 
देश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया तेजी से बढ़ रही है। भारतीय चुनाव आयोग ने दैनिक बुलेटिन में बताया कि अब तक 37,77,15,220 न्यूमेरेशन फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं, जो कुल फॉर्म का 74.10 प्रतिशत है। 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 50,68,42,224 फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जो कुल पात्र मतदाताओं की संख्या का 99.43 प्रतिशत है। इसका अर्थ है कि लगभग हर मतदाता को एसआईआर के दूसरे चरण के तहत न्यूमरेशन फॉर्म मिल चुका है। यह अभियान 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक चल रहा है और अभी करीब एक सप्ताह शेष है यानी मतदाता अपने फॉर्म आसानी से जमा कर सकते हैं ताकि उनकी जानकारी सही तरीके से मतदाता सूची में अपडेट हो सके।

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी विवरण के अनुसार अंडमान-निकोबार में 99.99 प्रतिशत से अधिक वितरण के साथ लगभग 76.28 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ में 99.51 प्रतिशत फॉर्म वितरण के साथ 77.80 प्रतिशत फॉर्म को डिजिटाइज किया जा चुका है। गुजरात ने 99.80 प्रतिशत फॉर्म वितरण और 81.58 प्रतिशत डिजिटाइजेशन हासिल किया है। मध्य प्रदेश में डिजिटाइजेशन 86.47 प्रतिशत तक पहुंच गया है। गोवा में 92.69 प्रतिशत, लक्षद्वीप में 100 प्रतिशत और राजस्थान में प्रतिशत फर्म डिजिटाइज हो चुका है। देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश में 99.72 प्रतिशत फॉर्म वितरित हो चुके हैं, साथ ही 54.97 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं। पश्चिम बंगाल ने भी 87.91 प्रतिशत डिजिटाइजेशन के साथ अच्छा प्रदर्शन किया है।

यह अभियान 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्यप्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल) में समान रूप से आगे बढ़ रहा है। इस अभियान में 5,32,828 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और 11,40,598 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। आयोग ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों से अधिक से अधिक बीएलए नियुक्त करने की अपील भी की है ताकि प्रक्रिया और पारदर्शी बने।

निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अगले 7 दिनों के भीतर अपने फॉर्म जमा कर दें ताकि आगामी मतदाता सूची में उनकी सभी जानकारियां सही-सही दर्ज हो सकें। विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण का यह चरण अब अपने निर्णायक दौर में है और आयोग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में डिजिटाइजेशन का आंकड़ा और तेजी से बढ़ेगा।

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