Monday, January 26, 2026
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भारत की दो टूक: ट्रंप के बयान पर कहा – राष्ट्रीय हित सर्वोपरि

नई दिल्ली

डोनाल्ड ट्रंप के रूसी तेल वाले दावे पर भारत का जवाब आ गया है. भारत ने साफ कर दिया है कि उसकी प्राथमिकता भारत के लोग हैं और कुछ नहीं. ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत का तेल आयात भारत के हितों की रक्षा के आधार पर तय होता है. भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना भारत की प्राथमिकता है. दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि उन्हें पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा. इसी दावे पर विदेश मंत्रालय ने बयान दिया है.

ट्रंप के बयान पर भारतीय विदेश मंत्रालय का बयान
विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ‘भारत तेल और गैस का एक प्रमुख आयातक देश है. अस्थिर वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना हमारी निरंतर प्राथमिकता रही है. हमारी आयात नीतियां पूरी तरह इसी उद्देश्य से निर्देशित होती हैं. ऊर्जा की स्थिर कीमतें सुनिश्चित करना और आपूर्ति को सुरक्षित रखना हमारी ऊर्जा नीति के दो प्रमुख लक्ष्य रहे हैं. इसके तहत हमने अपने ऊर्जा स्रोतों का विस्तार किया है और बाजार की परिस्थितियों के अनुसार विविधीकरण किया है.’

अमेरिका संग संबंधों पर क्या कहा?

विदेश मंत्रायल ने आगे भारत संग संबंधों पर कहा, ‘जहां तक अमेरिका का संबंध है, हम कई वर्षों से अपनी ऊर्जा खरीद को बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं. पिछले एक दशक में इसमें लगातार प्रगति हुई है. वर्तमान प्रशासन ने भारत के साथ ऊर्जा सहयोग को और गहरा करने में रुचि दिखाई है. इस विषय पर बातचीत जारी है.’

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा था? 

डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समाचार एजेंसी एएनआई की ओर से पूछे गए एक सवाल के जवाब में दिया. एएनआई ने एक सवाल किया कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति भारत को एक विश्वसनीय साझेदार मानते हैं? इस पर ट्रंप ने कहा, ‘हां, बिल्कुल. वह (पीएम मोदी) मेरे मित्र हैं. हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध हैं. भारत रूस से तेल खरीद रहा है, इससे मैं खुश नहीं था. हालांकि, उन्होंने अब मुझे आश्वासन दिया है कि भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा. यह एक बड़ा कदम है. अब हमें चीन से भी यही करवाना होगा.’

क्यों निराश हैं ट्रंप?

ट्रंप यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने में अपनी असमर्थता के कारण निराश हैं. इस युद्ध की शुरुआत लगभग चार साल पहले रूस के आक्रमण से हुई थी. उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रति असंतोष व्यक्त किया है, जिन्हें वह सुलह की राह में सबसे बड़ी बाधा बताते रहे हैं. ट्रंप का शुक्रवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मिलने का कार्यक्रम है. चीन के बाद भारत रूसी तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है और ट्रंप ने इसके दंड के तौर पर अगस्त में भारत पर शुल्क बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था.

 

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